प्रोफेसर का बयान,’तुम्हारे स्तन अच्छे हैं नीचे के पार्ट्स पर भी ध्यान दो, नहीं तो गंदी दिखोगी’

जेएनयू प्रोफेसर अतुल जौहरी: कहते हैं अध्यापक हमारे दुसरे माँ बाप होते हैं जो हमे सच्चाई की राह पर चलना सिखाते हैं. मगर आज के इस कलयुगी समय में अध्यापक गुरु नहीं बल्कि शैतान का रूप धारण कर चुके हैं. कुछ ऐसा ही मामला हाल ही में हमारे सामने आया है. जहाँ जवाहरलाल नेहरु यूनिवर्सिटी में पिछले 14 साल से पढाने वाले एक प्रोफेसर के बयान से स्टूडेंट्स को आग बबूला कर दिया है.  एक रिपोर्ट के अनुसार प्रोफेसर के खिलाफ उसके छात्रों ने योन उतपीड़न का मामला दर्ज़ करवाया है. जिसके बाद जहाँ एक तरफ यूनिवर्सिटी के अंदर चल रहे विवाद पर देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी ट्वीट करती नज़र आई और दूसरी तरफ छात्र सड़कों पर  प्रोफेसर के खिलाफ नारे लगाते हुए सामने आए.

पुरम थाने की पुलिस

दरअसल, ‘स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेस’ विभाग में माइक्रो-बायोलॉजी के प्रोफेसर अतुल कुमार जौहरी को दिल्ली के आरके पुरम थाने की पुलिस ने यौन उत्पीड़न केस में पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया.  इसी बीच पटियाला कोर्ट ने प्रोफेसर से 30 हजार के 8 बॉन्ड पर हस्ताक्षर करवाने के बाद उन्हें जमानत पर रह कर दिया.

यह था पूरा मामला

दरअसल, प्रोफेसर अतुल जौहरी साल 2004 से “स्कूल ऑफ लाइफ साइंसिस” में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर लगे थे. फिलहाल वह 11 पीएचडी स्टूडेंट्स को गाइड कर रहे थे. इसी बीच हाल ही में उनकी 8 छात्राओं ने उन पर यौन शोषण के आरोप लगाए हैं. जिनमें से एक लड़की के अनुसार-

“मैं जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज की पीएचडी स्टूडेंट हूं और प्रोफेसर अतुल जौहरी मेरे सुपरवाइजर हैं. जब से हमारी क्लास शुरू हुई थी तब से प्रोफेसर जोहरी मुझे जरूरत से ज्यादा Dostana मिजाज के लगे. एक बार उन्होंने मुझे अकेला बुलाकर पूछा कि क्या तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड है और अगर है तो तुमने उसके साथ फिजिकल रिलेशन बनाए हैं? ऐसे ही एक बार उन्होंने मुझे शिव पार्वती के बारे में एक अश्लील चुटकुला सुनाया ऐसे चुटकुले में अक्सर सुनाते रहते थे”. लड़की के अनुसार वह हमेशा काम के बहाने उसको ऑफिस में बुलाते थे और कुर्सी पर बिठाने की बजाय सामने सोफे पर बिठा देते थे.

लड़की को बाकी स्टूडेंट से अधिक एकेडमिक असाइनमेंट देते थे

कुर्सी पर बैठा देखकर वह अक्सर लड़कियों को उनकी इजाजत के बिना गलत तरह से पीठ और कंधे पर हाथ रखते थे जिनसे कुछ  लड़कियां काफी परेशान थी. इसी बीच साल 2014 में प्रोफेसर ने अपनी एक स्टूडेंट से कहा कि “तुम्हारे स्तन बहुत अच्छे हैं, अपने निचले पार्ट्स को भी मेंटेन करो वरना तुम भी बाकी लड़कियों की तरह ही भद्दी लगोगी”. जब लड़कियां प्रोफेसर का विरोध करती तो वह हंसी में उन्हें एडल्ट कह कर टाल देते. लेकिन जब एक पीड़ित लड़की ने अपनी बाकी फ्रेंड्स को इसके बारे में बताया तो प्रोफेसर ने उस छात्रा को पढ़ाना बंद कर दिया और उसके साथ बदला लेने वाला बर्ताव करने लगे. वह अक्सर उस लड़की को बाकी स्टूडेंट से अधिक एकेडमिक असाइनमेंट देते थे.

जोहरी पर आईपीसी की धारा मामला दर्ज

जब कोई लड़की प्रोफेसर के साथ समझौता कर लेती तो वह उस लड़की के एकेडमीक एप्लीकेशन आगे बढ़ा देते. प्रोफेसर की घटिया हरकतें थमने का नाम नहीं ले रही थी. आखिरकार एक दिन लड़कियों ने उनके खिलाफ खड़ा होने की सोची और थाने में यौन उत्पीड़न की शिकायत कर दी. 15 मार्च को जोहरी के खिलाफ दो छात्राएं FIR लिखवाने गई. तब तक यूनिवर्सिटी के बाकी अन्य स्टूडेंट उन लड़कियों के साथ सहमत नहीं थे.यहां तक कि पुलिस ने भी FIR दर्ज करने से मना कर दिया लेकिन आखिरकार स्टूडेंटस के दबाव में आकर पुलिस को 8 लड़कियों की शिकायत पर आठ अलग-अलग FIR दर्ज करनी पड़ी. फिलहाल जोहरी पर आईपीसी की धारा 354 और धारा 509 तहत मामला दर्ज कर लिया गया है.

जोहरी के वकील के अनुसार यह

मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जोहरी को पूछताछ के लिए बुलाया और मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया. कोर्ट में जोहरी ने कैरियर खराब होने की दलील देकर जमानत की अर्जी दी. हालांकि पुलिस ने भी जोहरी की रिमांड नहीं मांगी, इसलिए उन्हें आसानी से जमानत मिल गई. जिसके बाद जेएनयू के 55 प्रोफेसर ने DCP को चिट्ठी लिखकर जौहरी के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की मांग की है. फिलहाल यूनिवर्सिटी के छात्र सड़क पर जोहरी के खिलाफ नारेबाजी पर उतर आए हैं वहीं दूसरी ओर जोहरी के वकील के अनुसार यह एक राजनीतिक षड्यंत्र है जिसमें जोहरी को बलि का बकरा बनाया जा रहा है.