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9वीं कक्षा की छात्रा ने किया सुसाइड, मरने से पहले बोली- ‘टीचर गलत तरह से टच करते थे मुझे’

9वीं कक्षा की छात्रा ने किया सुसाइड: हमारे भारत में लड़कियों के साथ छेड़ छाड़ और बलात्कार की घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रही. हालाँकि, सरकार लड़कियों और महिलायों की सुरक्षा के लिए कड़े कानून और नियम बना रही है. परन्तु इसके बावजूद भी अपराध कम नही हो रहे. आए दिन कोई ना कोई मासूम लड़की अपनी इज्जत के चलते जान से हाथ धो रही है. अभी निर्भया के साथ हुई ज्यादती से देश उभरा नही था कि अब एक और दिल देहला देने वाला मामला दिल्ली से हमारे सामने आया है. दरअसल, दिल्ली में रहने वाली एक 9वीं कक्षा की छात्रा ने छेड़छाड़ से तंग आ कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर दी.

टीचर हैं मौत के ज़िम्मेदार 

बेटी के मरने के बाद माँ बाप ने पुलिस की शरण ली है. परिवार वालों के अनुसार उनकी बेटी की मौत के ज़िम्मेदार उसके स्कूल वाले हैं. दरअसल, उनकी बेटी को दो टीचर अक्सर परेशान करते थे और उसके साथ गंदी हरकतें करते थे. जब वह उन्हें मना करती तो वह उसको क्लास में फेल करने की धमकी देते थे. जिसके कारण बच्ची स्ट्रेस में आ गई. जब मासूम को इस ब्लैकमेल से बचने का कोई रास्ता नही नजर आया तो उसने अपनी जान देना ही ठीक समझा. पुलिस ने परिवारवालों के कहे अनुसार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज़ कर लिया है.

फिजिकल हरासमेंट से थी परेशान 

छात्रा के मरने के बाद अभी तक पुलिस को किसी प्रकार का कोई सुसाइड लेटर नहीं मिला है. मिली जानकारी के अनुसार लड़की नोएडा के सेक्टर-52 जीबी में अपने माँ बाप के साथ रहती थी और एलकॉन पब्लिक स्कूल में 9वीं कक्षा में पढ़ रही थी. लड़की के पिता के अनुसार उनकी बेटी को स्कूल के दो टीचर तंग करते थे और उसको गंदे तरीके से घूरते एवं टच करते थे. इससे पहले वह लोग उनकी बेटी को एक बार फेल कर चुके थे. परिजनों का आरोप है कि स्कूल के दो मेल टीचर उनकी बच्ची को फिजिकली हरासमेंट से परेशान कर रहे थे.  इसके इलावा उन्हें कईं बार बच्ची ने रोते हुए बताया था कि स्कूल के टीचर अच्छे नहीं हैं और  गंदे तरीके से छूते हैं और मना करने पर फेल करने की धमकियाँ देते रहते हैं.

फेल होने के बाद की खुदखुशी

इस साल हुई परीक्षा के बाद 16 मार्च को मृतका का नतीजा आना था. जिसमे उसे दोनों टीचर्स ने दो सब्जेक्ट्स में फेल कर दिया था. अपने खराब रिजल्ट को देख कर बच्ची काफी परेशान हो गई और उसने मरने की ठान ली. बीते मंगलवार को उसने  रेलिंग से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. मरने के समय लड़की घर पर अकेली थी. फिलहाल   व् को कब्ज़े में लेकर उसको पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है. वहीँ दूसरी और मामले की सही से जांच करने के कारण दिल्ली पुलिस ने एक अधिकारी को ससपेंड कर  इ और्जांच का जिम्मा अन्य उच्च अधिकारी को सौंप दिया है.

लड़की शायद इतना बड़ा कदम नही उठाती अगर उसके माँ बाप पहले ही उसकी मानसिक स्तिथि को समझ कर स्कूल प्रशासन के खिलाफ उठा लेते. डॉ. पूजा गुप्ता के अनुसार बच्चों के साथ हर माँ बाप को दोस्त बन कर बात करनी चाहिए ताकि बच्चे किसी भी कदम को उठाने से पहले आपसे एक बार समस्या को शेयर कर पाएं.

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