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पत्रकार हत्याकांड में लालू के बेटे तेजप्रताप को सुप्रीम कोर्ट से मिली क्लीन चिट

लालू एंड परिवार की मुश्किलें यूं तो बढ़ती ही जा रही है, लेकिन इन सबके बीच लालू एंड फैमिली के लिए राहत की खबर सामने आ रही है। बिहार पत्रकार हत्याकांड में लालू के बेटे तेज प्रताप को सुप्रीम कोर्ट से क्लीन चिट मिल गई है, जिसके बाद परिवार और पार्टी में बड़ी राहत देखने को मिल रही है। बता दें कि तेज प्रताप अक्सर बेलगाम बयान देते हुए नजर आते हैं। तेजप्रताप का नाम बिहार के पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड में उछाला गया था, जिसके बाद अब उन्हें राहत मिली है। आइये जानते हैं कि पूरा मामला क्या है?

आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद के बेटे और बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप को पत्रकार हत्याकांड में सीबीआई के साथ साथ सुप्रीम कोर्ट से भी राहत मिल गई। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि पत्रकार हत्याकांड में तेज प्रताप की कोई भी भूमिका साबित नहीं हुई, ऐसे में कोर्ट तेजप्रताप को क्लीन चिट देती है। बता दें कि तेजप्रताप की तस्वीरे सोशल मीडिया पर राजदेव पत्रकार के आरोपियों के साथ वायरल हुई थी, जिसको लेकर उन्हेंं भी शक के घेरे में लिया गया था।

सीबीआई और कोर्ट ने तेजप्रताप को क्लिन चिट देते हुए कहा  कि तेजप्रताप की कोई भूमिका सामने नहीं आई, जिसकी वजह से अब उनपर कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती है, ऐसे में अब तेज प्रताप इस अपराध से मुक्त हो चुके हैं। गौरतलब है कि तेज की तस्वीर वायरल होने पर उन्हे आरोपी की दृष्टि से देखा जाने लगा था, जिसकी वजह से उनका नाम केस में आया था, लेकिन अब उन्हे पूरी तरह से राहत मिल चुकी है। तो चलिए अब जानते हैं कि मामले की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहते हुए तेजप्रताप को दोषमुक्त करार दिया?

जानिये, सुप्रीम कोर्ट ने और क्या क्या कहा?

सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि तेजप्रताप द्वारा कोई अपराधिक गतिविधियों को अंजाम नहीं दिया गया है, जिसकी उनपर अब कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। कोर्ट ने कहा कि पत्रकार हत्‍याकांड के आरोपी मोहम्‍मद कैफ और जावेद के साथ वायरल हुई तेजप्रताप की तस्‍वीर के मामले में किसी तरह की कार्रवाई नहीं होगी, ऐसे में अब वो दोषमुक्त हैं। याद दिला दें कि पत्रकार हत्याकांड के समय तेज प्रताप की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी।

क्या है पूरा मामला?

गौरतलब है कि 2016 में राजदेव रंजन की हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद बिहार समेत पूरे देश के पत्रकारों ने इस मामले में जूलूस निकालने के साथ ही इंसाफ की मांग की थी। याद दिला दें कि राजदेव रंजन हत्याकांड में सीबीआई ने कुल छह लोगों को मुख्य अभियुक्त बनाया है, जिसमें कुख्यात लड्डन मियां भी शामिल है।

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