मार्च के महीने जरुर कर लें ये काम, वर्ना किरायेदार और मकान मालि‍क दोनों फंसेंगे, हो सकती है जेल

नई दिल्ली – देश की लगभग 30 प्रतिशात आबादी शिक्षा या रोजगार की तलाश में टीयर-2 और टीयर-3 यानि छोटे शहरों से निकलकर दिल्ली, मुम्बई, कोलकता और बैंगलुरू जैसे बड़े घरों की ओर रुख करती है। क्योंकि, इन शहरों में इनका अपना घर नहीं होता इसलिए उन्हें इन शहरों में किराये पर रहना पड़ता है। ये आबादी अपनी कमाई का एक बहुत बड़ा हिस्सा घर किराये पर देने में खर्च करती है। ऐसा इसलिए, क्योंकि बड़े शहरों के मकान मालिक अपने किरायेगारों से मुंह मांगा पैसा वसूलते हैं। लेकिन, अब किरायेदार और मकान मालि‍क दोनों के लिए टीडीएस भरना अनिवार्य हो गया है। अगर वो ऐसा नहीं करते तो फंस सकते हैं।

किरायेदार और मकान मालि‍क दोनों के लिए टीडीएस भरना अनिवार्य

सरकार ने किरायेदार और मकान मालि‍क दोनों के लिए टीडीएस भरना अनिवार्य कर दिया है। आपको बता दें कि किराये को लेकर जो नियम बनाये गए थे वो आजादी के पहले के थे। ये नियम साल 1914 और 1945 में लागू हुए थे। क्योंकि, ये नियम काफी पुराने हो चुके हैं। इसलिए सरकार ने इन नियमों में बदलाव करने का निर्णय लिया है। शहरीकरण और भारत में किराए के मकान की बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार के लिए किराये से संबंधित नियमों में यह बदलाव जरूरी था। इसलिए, सरकार ने रेंटल हाउजिंग इकनॉमी को विनियमित करने की नीति पर पुनः विचार किया है।

किराये से जुड़े नियमों में बदलाव करने के लिए 2 साल पहले केंद्र की मोदी सरकार ने किरायेदारी अधिनियम, 2015 में बदलाव के लिए एक ड्राफ्ट मॉडल पेश किया था। इस नियम के लागू होने के बाद से शहरों और कस्बों  में किराये पर रहने वाली आबादी और दुकान, गोदाम या शोरूम को किराये पर लेकर चलाने वाले लोग प्रभावित होंगे। नए नियमों के मुताबिक, अब किरायेदार और मकान मालि‍क दोनों के लिए टीडीएस भरना अनिवार्य हो गया है। अगर आप कोई मकान, दुकान या परि‍सर कि‍राये पर लिया तो आपको टीडीएस भराना अनिवार्य है।

टीडीएस कटौती अनिवार्य

मार्च के खत्म होते ही अप्रैल से नया फाइनेंशि‍यल ईयर शुरू हो रहा है। इसलिए आपको किराये से जुड़े एक खास नि‍यम का पालन करना होगा। अगर आप किरायदार या मकान मालि‍क हैं तो आपके लिए इस नियम का पालन करना अनिवार्य हैं। इनकम टैक्सर डि‍पार्टमेंट के मुताबिक, अगर कोई कि‍रायेदार या मकान मालिक 50,000 से अधि‍क मासि‍क कि‍राए का भुगतान कर रहा या ले रहा है तो इसपर 5% का टीडीएस जमा करना आपके लिए जरुरी है। अगर कोई इस नियम का पालन नहीं करता तो उसके खिलाफ जांच हो सकती है।

टीडीएस भरने के लिए इन 3 स्टेप का पालन करें

अगर आप 1 मार्च 2018 का टीडीएस भर रहे हैं तो आपको पूरे फाइनेंशि‍यल ईयर 2017-18 के दौरान लिये या दिये गए किराये का 5 फीसदी टीडीएस जमा करना होगा।

वेबसाइट www.tin-nsdl.com पर फार्म संख्या  26Q में भूस्वा मी के पैन कार्ड के विवरण के साथ टीडीएस का वि‍वरण अपलोड करें।

3 फार्म संख्याम 26Q को बेवसाइट पर अपलोड करने के 15 दि‍नों के भीतर वेबसाइट www.tdscpc.gov.in से फॉर्म संख्या 16सी में टीडीएस प्रमाणपत्र डाउनलोड करें और भूस्वामी को दें।