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श्रीदेवी के अंतिम संस्कार पर मनसे ने उठाया सवाल, जानिए किसे मिलता है राजकीय सम्मान?

श्रीदेवी को मिला राजकीय सम्मान: हाल ही में महाराष्ट्र नव निर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने श्रीदेवी के अंतिम संस्कार के दौरान उन्हें राजकीय सम्मान देने के ऊपर सवाल उठाये हैं। एक कार्यक्रम के दौरान राज ठाकरे ने कहा कि जब श्रीदेवी जैसी किसी हस्ती की मौत होती है तो आप उनका पार्थिव शरीर तिरंगे में लपेटते हैं और ये कहा जाता है कि वो पद्मश्री थीं। यह महाराष्ट्र सरकार की सबसे बड़ी भूल थी। सभी लोग जानते हैं कि श्रीदेवी की मौत कैसे हुई थी। उनकी मौत नशे की हालत में बाथटब में डूबने से हुई थी।

श्रीदेवी की मौत हुई थी बाथटब में डूबकर:

आपकी जानकारी के लिए बता दें 24 फ़रवरी को बॉलीवुड की पहली महिला सुपरस्टार श्रीदेवी की मौत दुबई के एक होटल में बाथटब में डूबने से हो गयी थी। इसके बाद जब उनका पार्थिव शरीर मुंबई लाया गया तो उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गयी। राज ठाकरे ने गुडी पाडवा के दौरान शिवाजी पार्क में एक रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने जमकर केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। राज ठाकरे ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि यह कहा जाता है कि श्रीदेवी की मौत बाथटब में डूबकर हुई है।

श्रीदेवी को राजकीय सम्मान देना थी राज्य सरकार की भूल:

श्रीदेवी के तिरंगे में विदाई पर भड़के राज ठाकरे, दिया ऐसा बयान कि मचा बवाल

उस दौरान वो काफी शराब पिए हुई थीं। उस दौरान पुरे देश में नीरव मोदी की चर्चा चल रही थी। लेकिन अचानक ही मसला बदल गया। जब श्रीदेवी जैसी किसी हस्ती की मौत होती है आप उनके पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटते हैं और कहते हैं कि ये पद्मश्री थीं। यह महाराष्ट्र सरकार की भूल थी। आपकी जानकारी के लिए बता दें भारत में राजकीय सम्मान राष्ट्रपति, पूर्व राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और केंद्रीय मन्त्री के साथ ही राजनीति, साहित्य, कानून, विज्ञान, कला के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले को दिया जाता है।

मुख्यमंत्री बिना मंत्रियों से बात किये नहीं दे सकते इजाजत:

इसके साथ ही केंद्र और राज्य सरकार को भी यह अधिकार है कि वह जिसे इस सम्मान के काबिल समझते हैं दिया जा सकता है। किसी पद्मश्री या भारत रत्न प्राप्त किये हुए व्यक्ति को यह सम्मान दिया जायेगा या नहीं यह फैसला केंद्र और राज्य सरकार को करना होता है। मुख्यमंत्री बिना अपने मंत्रियों से बात किये हुए इस सम्मान की इजाजत नहीं दे सकते हैं। जब राजकीय सम्मान का फैसला हो जाता है तो इसके तैयारी की जिम्मेदारी राज्य के सीनियर पुलिस ऑफिसर्स जैसे डीजीपी या कमिश्नर को दी जाती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि महात्मा गाँधी वह पहले व्यक्ति थे, जिनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया था।

मदर टेरेसा को दिया गया था राजकीय सम्मान:

इसके अलावा जवाहर लाल नेहरु, इंदिरा गाँधी और लाल बहादुर शास्त्री की मौत प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए हुई थी। तीनों का अंतिम संस्कार भी राजकीय सम्मान के साथ किया गया था। पूर्व प्रधानमंत्रियों में राजीव गाँधी, मोरारजी देसाई, चंद्रशेखर सिंह और पूर्व मुख्यमंत्रियों में ज्योति बसु एवं ई. के. मालान्ग का अंतिम संस्कार भी राजकीय सम्मान के साथ किया गया था। समाज में खास स्थान रखने वाली मदर टेरेसा, गंगुभई हंगल, भीमसेन जोशी, सत्य साईं बाबा, बाल ठाकरे, सरबजीत सिंह और एयर मार्शल अर्जन सिंह का अंतिम संस्कार भी राजकीय सम्मान के साथ किया गया था।

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