JNU मामला: आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ 8 केस हुआ दर्ज

बीते कुछ दिनों से जेएनयू की छात्राएं एक प्रोफेसर पर छेड़खानी का आरोप लगाती हुई नजर आ रही है। जब उनके आरोपों पर विशेष कार्रवाई नहीं की गई, तो उन्होंने सड़क पर उतर कर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। बता दें कि छात्राओं का आरोप है कि प्रोफेसर उनके साथ अश्लील बात करते थे, इतना ही नहीं, उनके साथ छेड़खानी भी करते थे। ऐसे में जब छात्राओं ने उनके खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश की तो प्रशासन ने उन्हें चुप कराने की ठानी लेकिन छात्राओ के आवाज को रोकना इतना आसान नहीं है। तो चलिए जानते हैं कि हमारे इस रिपोर्ट में क्या खास है?

बता दें कि जेएनयू की छात्राओं के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ औऱ उत्पीड़न के विरोध में भारी संख्या में छात्र छात्राएं भूख हड़ताल पर बैठे हैं। बता दें कि गुस्साएं छात्राओं ने मांग की है कि जेएनयू के आरोपी प्रोफेसर अतुल जौहरी को इस्तीफा दे देना चाहिए, तो वहीं दूसरी तरफ मामले में प्रोफेसर ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। लेकिन सवाल ये खड़ा होता है कि आखिर छात्राओं के साथ कैंपस में इस तरह के व्यवहार क्यों किये जाते हैं, जब कैंपस ही सुरक्षित नहीं तो देश की सड़को पर महिलाएं और बच्चियां खुद को सुरक्षित महसूस कैसे करेंगी?

मामले में प्रदर्शन जारी

मामले को लेकर प्रदर्शन बढ़ता ही जा रहा है। बता दें कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांग है कि आरोपी प्रोफेसर की गिरफ्तारी फौरन हो। इसेक साथ ही मांग यह भी है कि प्रोफेसर को निष्कासित किया जाए या फिर वो खुद ही इस पद से इस्तीफा दें। बता दें कि यह कोई पहला मामला नहीं है, जब कैंपस में छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की खबरे सामने आई हो। इससे पहले भी कैंपस में छात्राओं के साथ ऐसी घटनाएं देखने को मिली है।

प्रोफेसर ने सभी आरोपों को किया खारिज

बता दें कि प्रोफेसर के खिलाफ केस दर्ज हो चुका है, ऐसे में पुलिस मंगलवार की शाम को पूछताछ करेगी। इस दौरान प्रोफेसर ने कहा कि उन्हें फंसाया जा रहा है, क्योंकि वो नियम को लेकर बड़े ही सख्त मिजाज के हैं। प्रोफेसर ने कहा कि “मेरे खिलाफ आरोप लगाने वाली कुछ लड़कियों को लैब में अनियमित अटेंडेंस के संबंध में 27 फरवरी को मेरी तरफ से ईमेल मिला था, जिसकी वजह से वो मुझे निशाना बना रही है।

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