इरफान खान को हुआ ब्रेन ट्यूमर, बचने के लिए आप भी इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

बीते दो दिनों से अभिनेता इरफान खान की बीमारी को लेकर कई चर्चाएं चल रही हैं। बीमारी के बारे में इरफान खान ने एक ट्वीट करके बताया था। लेकिन बीमारी के बारे में खुलासा नहीं किया।  वहीं मीडिया की ख़बरों के मुताबिक इरफान खान को ब्रेन ट्यूमर हुआ है। जो की जानलेवा है। ऐसे में हम आपको आज बताने जा रहे है कि कैसे होता है, और इसके क्या लक्षण है जिससे आप इस बीमारी के बारे में जान सकें, और समय रहते इसका इलाज करा लें।

इरफान को ब्रेन ट्यूमर हुआ है या नहीं। इसको लेकर इरफान के परिवार और डॉक्टर की तरफ से कोई कंफर्मेशन नहीं आया है। मीडिया रिपोर्ट्स में बॉलीवुड एक्टर इरफान खान को ब्रेन ट्यूमर होने की बात कही जा रही है। इरफान को ग्लियोब्लास्टोमा मल्टीफोर्मे (जीबीएम) ग्रेड-4 है। जिसे ‘डेथ ऑन डायग्नोसिस’ कहा जाता है। यानी की इसको ठीक करना भगवान के हाथ में है।  ऐसे में जरूरत होती है समय से इसका इलाज शुरू करवाने की। ताकी बीमारी को ठीक किया जा सके।

कैसे होती है शुरुआत

इसका पहला लक्षण आपको कुछ ऐसे महसूस होगा। अगर सुबह आपकी नींद तेज सिरदर्द के कारण खुल रही है। धीरे-धीरे कान से सुनने की क्षमता या आंखों से भेंगा दिखने की शिकायत या रोशनी घट रही है, इसके अलावा धीरे-धीरे प्रमुख अंग का सुन्न पडऩा यानी लकवे के लक्षण लगें तो अलर्ट हो जाएं। क्योंकि ये पहली स्टेज हैं, जिसके बाद ब्रेन ट्यूमर होने का खतरा बढ़ जाता है।

कैसे पहचाने ब्रेन ट्यूमर को

बॉडी या फेस के किसी भी हिस्से का अचानक सुन्न हो जाना। ब्रेन के किसी भी हिस्से पर ट्यूमर होने पर ऐसा होता है। ब्रेन ट्यूमर के कई लक्षण हैं, जैसे सर में दर्द, उल्‍टी आना, दौरे पड़ना, सुस्‍ती लगना, एक आंख में परेशानी, चलने में लड़खड़ाना, चेहरे पर कमज़ोरी, चेहरे के एक भाग से मुस्कुराना या पलक का लटक जाना, ताल मेल में परेशानी या बोलने में दिक्कत आदि होना। यह रोग विशेष प्रकार के विषाणु के संक्रमण से हो सकता है या प्रदूषित पदार्थों का श्वसन क्रिया के साथ प्रवेश करना रोग की उत्पत्ति का कारण हो सकता है।

किसी को भी हो सकता है ब्रेन ट्यूमर

यह रोग पुरुष या महिलाएँ किसी को भी हो सकता है, ब्रेन टयूमर कई शेप और साइज में होता है इसी तरह इसके सिम्टम भी होते हैं। ब्रेन ट्यूमर 3 से 12 या 15 वर्ष की आयु में अथवा 50 वर्ष की आयु के बाद होता है। समय रहते इसका उचित इलाज नहीं कराया गया तो यह जानलेवा साबित होता है।

ऐसे होता है ब्रेन ट्यूमर

ट्यूमर कई कारणों से बन सकते हैं। यह रोग विशेष प्रकार के विषाणु के संक्रमण से, प्रदूषित पदार्थो का सांस लेने के साथ शरीर के अंदर चले जाने से यह सेल्स इकट्ठा होकर टिश्यू बनाती हैं। ये सेल्स मरती नहीं हैं और इसलिए समय के साथ ट्यूमर भी बढ़ता जाता है। ट्यूमर दिमाग के जिस हिस्से में बनता है, उस हिस्से के कार्य की प्रक्रिया बाधित हो जाती है। शरीर में बनने वाली सेल्स कुछ समय बाद नष्ट हो जाती हैं और उनकी जगह नई सेल्स बन जाती हैं। यह एक साधारण प्रक्रिया है। जब यह प्रक्रिया बाधित हो जाती है, तो ट्यूमर सेल्स बनने लगती हैं।

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