मोदी के कूटनीति से पड गयी आतंक के आकाओं में फ़ूट, दोनों के रास्ते हुये अलग

नई दिल्लीः पाकिस्तान के दो आतंकी सरगनाओं ने भारत को लेकर राय सामने आई है। एक तरफ 26/11 हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद ने भारत से अच्छे रिश्ते बनाने की मांग करते हुए अमेरिका को पाकिस्तान का दुश्मन नंबर एक बताया है। तो वहीं, दूसरी ओर पठानकोट और उड़ी हमलों के जिम्मेदार मौलाना मसूद अजहर ने नवाज सरकार को कमजोर बताते हुए कश्मीर की आजादी के लिए जंग को एकमात्र रास्ता बताया है। अमेरिका ने आतंकवाद पर पाकिस्तान को दो टूक मैसेज दिया है।  Differences terrorist masterminds.

कश्मीर हासिल करने का ऐतिहासिक मौका (terrorist mastermindsv)–

इंडियन एक्सप्रेस ने मसूद अजहर के जिहादी मैगजीन में लिखे आर्टिकल का हवाला देते हुए उसके बयान की जानकारी दी है। आर्टिकल में जैश सरगना ने लिखा- भारत के खिलाफ जिहादी हमले तेज होने चाहिए। पाकिस्तान ने कश्मीर हासिल करने का ऐतिहासिक मौका इसलिए गंवा दिया क्योंकि हुक्मरान आखिरी फैसला नहीं ले पाए।

अजहर ने लिखा, ‘अगर पाकिस्तान सरकार जरा सी भी हिम्मत दिखाती तो कश्मीर और पानी का विवाद हमेशा के लिए हल हो गया होता।

इस आतंकी सरगना ने आगे लिखा, ‘अगर सरकार ये नहीं कर पा रही है तो फिर मुजाहिदीनों के लिए रास्ता खोल देना चाहिए। 1971 की कड़वी यादों को हम 2016 में खुशनुमा जीत में बदल देंगे।’

सईद को चाहिए भारत से बेहतर रिश्ते (terrorist masterminds) –

Differences terrorist masterminds

मसूद अजहर से उलट मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद ने भारत से बेहतर रिश्तों की बात कहकर चौंका दिया है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, सईद ने कहा, “अमेरिका की जगह पाकिस्तान सरकार को भारत से बेहतर ताल्लुकात बनाने चाहिए। हालांकि, इसमें अमेरिका ही रुकावट डालता है।”

सईद ने कश्मीर पर नवाज सरकार के स्टैंड को क्रिटिसाइज करते हुए कहा कि बुरहान वानी की मौत के बाद वहां आग लगी हुई है। सईद ने लिखा, “कश्मीरी रोज जान दे रहे हैं। लेकिन दिक्कत हमारी सरकार के साथ है। सरकार को जनता ने ही चुना है लेकिन वो ही मसले के हल में अड़ंगा डालती है। इसकी वजह ये है कि हमारी सरकार अमेरिका की तरह सोचती है।”

हाफिज-मसूद के खिलाफ पाक में उठी आवाज –

Differences terrorist masterminds

इन आतंकियो के खिलाफ अब पाकिस्तान में विरोध की आवाज उठने लगी है और वहां की एक अखबार ने पहली बार पाकिस्तानी सरकार और सेना से जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर और जमात-उत-दावा के हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सवाल किया है। इस अखबार ने सवाल किया है कि क्यों हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती, जबकि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.