रोज़ करेंगे दुर्गा सप्तशती के इन शक्तिशाली मन्त्रों का जाप, तो जीवन में आ जाएगी खुशियों की बहार

दुर्गा सप्तशती के मन्त्रों का जाप: पूजा-पाठ हर व्यक्ति के जीवन में खुशियों की बहार ले आता है। पूजा-पाठ से देवो-देवताओं को प्रसन्न किया जाता है और देवी-देवताओं के प्रसन्न हो जाने पर व्यक्ति के जीवन में किसी चीज की कमी नहीं रह जाती है। हिन्दू धर्म में पूजा का क्या महत्व है, यह किसी को बताने की जरुरत नहीं है। जिस तरह से देवताओं की पूजा होती है, वैसे ही देवी की भी पूजा की जाती है। हिन्दू धर्म में माता दुर्गा की पूजा शक्ति के रूप में की जाती है।

बहुत शक्तिशाली मंत्र हैं दुर्गा सप्तशती में:

ऐसा कहा जाता है कि जो भी व्यक्ति देवी दुर्गा की पूजा करता है, उसके जीवन की सभी परेशानियाँ दूर हो जाती है। यह भी कहा जाता है कि माता दुर्गा की पूजा के दौरान उन्हें प्रसन्न करने के लिए दुर्गा सप्तशती अ पाठ करना चाहिए। इससे देवी दुर्गा बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाती है। आपको बता दें दुर्गा सप्तशती में संस्कृत में बहुत ही शक्तिशाली मंत्र दिए हुए हैं। अगर दुर्गा सप्तशती के मन्त्रों का जाप सही तरह से किया जाता है तो व्यक्ति के जीवन की सभी परेशानियाँ देखते ही देखते दूर हो जाती हैं।

प्रतिदिन करना चाहिए देवी के मन्त्रों का पाठ:

हर व्यक्ति की जीवन में कई तरह की मनोकामनाएं होती हैं। हर व्यक्ति अपने जीवन में अलग-अलग चीजें चाहता है। किसी को धन दौलत के सुख की कामना होती है तो किसी को सुखी परिवार की और कोई अपने दुश्मनों से छुटकारा चाहता है। आपको बता दें दुर्गा सप्तशती में हर मनोकामना की पूर्ति के लिए अलग-अलग दुर्गा सप्तशती के मन्त्रों का जाप बताये गए हैं। मन्त्रों का पाठ प्रत्येक दिन करना चाहिए। इसके लिए सबसे पहले सुबह जागकर नित्यकर्मों से निवृत्त होने के बाद घर के मंदिर या किसी पवित्र स्थान पर लाल कपड़ा बिछाएं और देवी दुर्गा की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।

दुर्गा सप्तशती के मन्त्रों का जाप 108 बार करें मन्त्रों का जाप:

इसके उपरांत प्रतिमा पर कुमकुम, चावल, लाल फूल आदि पूजा की सामग्री अर्पित करें। इसके बाद गाय के घी से बने हुए पकवानों का भोग लगाएं और धूप और दीप जलाएं। तत्पश्चात दुर्गा सप्तशती के मन्त्रों का जाप करें। मन्त्रों के जाप की संख्या कम से कम 108 बार होनी चाहिए। इसके लिए रुद्राक्ष की माला का उपयोग करना चाहिए।

इन कामों के लिए करें इन मन्त्रों का जाप:

*- भाग्य बाधा दूर करने के लिए करें इस मंत्र का जाप:

मंत्र:

देहि सौभाग्य आरोग्यं देहि में परमं सुखम्।
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषोजहि।।

 

*- दरिद्रता दूर करने के लिए इस मंत्र का जाप करें:

मंत्र:

दुर्गे स्मृता हरसि भीतिशेषजन्तोः स्वस्थैः स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि।
दारिद्रयःखभयहारिणि का त्वदन्या सर्वोपकारकरणाय सदार्दचित्ता।।

 

*- जीवन के सभी सुखों को पानें के लिए दुर्गा सप्तशती के इस मंत्र का जाप करें।

मंत्र:

ऊँ सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।
शरण्ये त्रयम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते।।

 

*- शारीरिक और मानसिक रूप से शक्तिशाली बनने के लिए दुर्गा सप्तशती के इस मंत्र का जाप करें।

मंत्र:

सृष्टिस्थितिविनाशानं शक्तिभूते सनातनि।
गुणाश्रये गुणमये नारायणि नमोस्तुते।।

 

*- धन और संतान सुख के लिए देवी के इस मंत्र का जाप करें।

मंत्र:

सर्व बाधा विनिर्मुक्तो, धन धान्य सुतान्वितः।
मनुष्यों मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः॥

इन मन्त्रों का जाप करते समय एक बात का अवश्य ध्यान रखें कि मन्त्रों का जाप सही-सही करना है। अगर आप मन्त्रों का जाप सही से नहीं कर पाते हैं तो इसके लिए आप किसी विद्वान पंडित का सहारा लें। मन्त्रों का पाठ करवाने के बाद पंडित को दक्षिणा देना ना भूलें।

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