परिवार वाले थे शादी के खिलाफ तो प्रेमी जोड़ा पहुँच गया थाने,जानिये फिर पुलिस वालों ने क्या किया?

सीतापुर: प्रेम को भगवान का रूप माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि जिसके अन्दर प्रेम भरा होता है और जो दूसरों से प्रेम करता है, उसके सबसे करीब भगवान होते हैं। ऐसे लोगों के ऊपर भगवान का हाथ होता है। वेलेंटाइन डे को पुरे विश्व में प्रेम के पर्व के रूप में मनाया जाता है। इस दिन प्रेमी-प्रेमिका एक दुसरे से अपने प्रेम का इज़हार करते हैं। इसी दिन कई नई जोड़ियाँ भी बनती हैं। कई लोग वेलेंटाइन डे के खास दिन शादी भी रचा लेते हैं।

समय के साथ हुए हैं कुछ सामाजिक नियमों में बदलाव:

हमारे समाज में कई तरह की मान्यताएं और परम्पराएँ हैं। इन्ही में से एक मान्यता है कि शादी अपने रिश्ते में नहीं करनी चाहिए। इसके पीछे कई तरह के वैज्ञानिक तर्क भी दिए जाते हैं। अपने ही रिश्ते में शादी करने वालों को पापी माना जाता है। समाज के नियमों के हिसाब से ऐसे लोगों को समाज में जगह नहीं दी जाती है। हालाँकि जैसे-जैसे समय बदल रहा है, वैसे-वैसे कुछ सामाजिक नियमों में भी बदलाव होने लगे हैं। आज कुछ जगहों पर इस तरह की शादियाँ होने लगी हैं।

कई मामलों में लेनी पड़ती है कानून की मदद:

हर माँ-बाप का सपना होता है कि वह अपने बेटे या बेटी की बड़ी धूम-धाम से शादी करे। लेकिन उनके सपनों पर उस समय चोट लगती है जब उन्हें पता चलता है कि उनका बेटा-या बेटो पहले से ही किसी से प्रेम करता है और उसी से शादी करना चाहता है। यह जानने के बाद ज्यादातर परिवार वाले अपने बेटे या बेटी की शादी के खिलाफ हो जाते हैं। कई बार कुछ मामलों में घर वाले समझाने के बाद समझ जाते हैं, लेकिन ज्यादातर शादी के खिलाफ ही हो जाते हैं। ऐसे में लोग शादी करने के लिए कानून का सहारा लेते हैं।

वेलेंटाइन डे के दिन थाने में जोड़े ने रचाई शादी:

भारतीय कानून के हिसाब से कोई भी बालिग लड़का-लड़की अपनी मर्जी से किसी से भी शादी कर सकते हैं। अगर इसमें कोई बाधा डालता है तो इस काम में दोनों की मदद पुलिस करती है। इसका ताजा उदहारण हाल ही में देखने को मिला है। दरअसल एक तरह जिले में जहाँ कई संगठन 14 फ़रवरी के दिन वेलेंटाइन डे का विरोध करते हुए दिखाई दे रहे थे, वहीँ एक प्रेमी जोड़े ने थाने में धूमधाम से शादी रचाई। इस काम में पुलिस वालों ने भी जोड़े की मदद की।

जिले के एसपी से लगाईं शादी के लिए गुहार:

जानकारी के लिए आपको बता दें कि पिसवां थाना क्षेत्र के बहुबानी गाँव में रहने वाला अनुराग सिंह अपनी ही रिश्तेदारी की रोली सिंह से पिछले ढाई साल से प्यार करता था। दोनों एक दुसरे से शादी भी करना चाहते थे। लेकिन यह बात परिवार वालों को मंजूर नहीं थी। मंगलवार की रात जब रोली सिंह अपने प्रेमी अनुराग सिंह के घर पहुंची तो घर का दरवाजा बंद मिला। जब दरवाजा खटखटाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला तो वह हंगामा करने लगी। इसके बाद रोली ने परेशान होकर जिले के एसपी से शादी की गुहार लगाई।

थानाध्यक्ष समेत सभी पुलिस कर्मियों ने दिया वर-वधु को आशीर्वाद:

उसके बाद एसपी से निर्देश मिलने के बाद पिसवां थाने की पुलिस लड़का-लड़की के साथ ही दोनों के परिजनों को थाने बुलाकर ले गयी। थाने जाने के बाद दोनों की बुधवार की दोपहर में थाना परिसर के शिव मंदिर में ही परिजनों की मौजूदगी में शादी रचाई गयी। इस दौरान पुलिस ने बैंड-बाजे का भी इंतज़ाम किया था। पुलिस वालों के सामने ही दोनों ने एक दुसरे के गले में जयमाल भी डाली। इसके बाद अनुराग ने रोली और मंगलसूत्र बाँध कर विवाह का कार्य पूरा किया। दोनों ने एक दुसरे को मिठाई भी खिलाई। इसके बाद थानाध्यक्ष के साथ ही सभही पुलिसकर्मियों और परिवार वालों ने वर-वधु को आशीर्वाद दिया।

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