DRDO ने ATAGS तोपों का किया सफल परिक्षण, यह जानकर चीन और पाकिस्तान की नींद उड़ गयी है! जाने क्या है वजह?

जब से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की सत्ता सम्हाली है, तब से लगातार देश को रक्षा के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ा रहे हैं(India test fires ATAGS Cannons)। इसका सबसे बड़ा कारण भारतीय सीमा पर दो ऐसे देश हैं जो लगातार भारत में घुसने की कोशिश करते रहते हैं। उनके सत्ता में आने के बाद से लगातार किसी ना किसी देश से रक्षा समझौता होता ही रहता है। अपने देश में भी हथियारों का कई बार सफल परिक्षण किया जा चुका है। भारत की सैन्य शक्ति को लगातार बढ़ाने की कोशिश चल रही है।

155 एमएस 52 कैलीबर की तोप(ATAGS Cannons) का सफल परिक्षण

DRDO successfully tested ATAGS cannons

DRDO लगातार भारत ए दुश्मनों से टक्कर लेने के लिए आधुनिक हथियरों का निर्माण कर रहा है। हम आपको बता दें कि 155 एमएस 52 कैलीबर की तोप का सफल परिक्षण हाल ही में DRDO ने किया है। जिससे दुश्मन खेमे में खलबली मची हुई है। इन तोपों का सफल परीक्षण Advanced Towered Artillery Gun System (ATAGS) के अंतर्गत किया गया है ।

ATAGS प्रोजेक्ट के अंतर्गत ही भारतीय सेना के आधुनिकीकरण का काम किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत बनाई जा रही 155 एमएस 52 कैलीबर की तोपें आने वाले साल यानी 2017 तक भारतीय सेना को मिलने की उम्मीद है। इन तोपों के आ जाने के बाद भारतीय सेना की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी। यह जानकार दुश्मन देश में खलबली का माहौल बना हुआ है। DRDO द्वारा बनाई जा रही इन तोपों की फायरिंग रेंज करीब 40 किलो मीटर है। यानी भारत अपनी सीमा से 40 किलो मीटर तक हमला कर सकता है और दुश्मन के टैंक को उड़ा सकता है। तोपों की मारक क्षमता बहुत ही ज्यादा और सटीक है। रक्षा मंत्रालय ने यह जानकारी दी कि यह हर तरह से बहुत ही सक्षम है और इससे हमला करने पर चुकने का खतरा बिलकुल ना के बराबर है।

DRDO द्वारा बनाई गयी इन तोपों में ओटोमेटिक कमांड और कंट्रोल सिस्टम (जिससे दूर से ही इन तोपों को नियंत्रित किया जा सकता है) लगा हुआ है। इसके अलावा इन तोपों में एडवांस्ड कम्युनिकेशन सिस्टम भी लगाया गया है। इसी वजह से इन तोपों से रात में भी हमला किया जा सकता है और सटीक निशाना लगाया जा सकता है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार इन तोपों को भारत की सीमाओं पर तैनात करने के बारे में विचार किया जा रहा है।

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