बेहद साधारण परिवार से आते हैं अंडर-19 टीम के कप्तान, गरीबी की वजह से पिता ने छोड़ दिया था गांव

पृथ्वी शॉ अंडर-19 टीम के कप्तान हैं और चौथी बार अंडर-19 की टीम ने उनकी नेतृत्व में विश्वकप अपने नाम किया है. चौथी बार विश्वकप में जीत हासिल कर टीम ने इतिहास रच दिया है. पूरा देश अंडर-19 टीम को उनकी अद्भुत जीत के लिए बधाई दे रहा है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि अंडर-19 टीम का ये चमकता हुआ सितारा कहां का है और क्रिकेट में आने से पहले वह कैसी लाइफ जीता था? नहीं पता तो चलिए हम आपको बताते हैं पृथ्वी शॉ की जिंदगी से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें. सबको लगता है कि पृथ्वी मुंबई के रहने वाले हैं लेकिन आपको बता दें कि वह मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं. गरीबी से परेशान होकर उनका परिवार मानपुर से मुंबई शिफ्ट हो गया था. आज भी पृथ्वी के दादा गया में अपनी कपड़ों की दुकान लगाते हैं. बातचीत के दौरन पृथ्वी के दादा ने बताया कि पंकज उनके एकलौते बेटे हैं और अपने पोते की उपलब्धि पर उन्हें गर्व है.

दादा ने बताया कि वह पृथ्वी से 2 महीने पहले मिले थे. उनके दादा को मुंबई सर्जरी की वजह से आना पड़ा और उसी दौरान उनकी मुलाकात पृथ्वी से हुई थी. लेकिन उस समय पृथ्वी उनसे बहुत नाराज़ थे क्योंकि अंडर-19 टीम का कप्तान बनने के बाद दादा जी ने उन्हें बधाई नहीं दी थी. तब उनके दादा जी यानी अशोक गुप्ता ने कहा कि तुम विश्व कप जीत कर लाओ फिर मैं क्या पूरी दुनिया तुम्हें बधाई देगी.

पृथ्वी ने महज 4 साल की छोटी उम्र में ही अपनी मां को खो दिया. 3 साल की उम्र से ही उनकी क्रिकेट में रुचि आनी शुरू हो गई और तबसे ही उन्होंने क्रिकेट खेलना शुरू भी कर दिया था. 15 साल की उम्र में उन्होंने हैरिस शील्ड टूर्नामेंट में 546 रनों की रिकॉर्ड पारी खेली थी. इस पारी के बाद पूरे देश में वह चर्चा का विषय बन गए थे.

पृथ्वी को चाइनीज फूड खाना काफी पसंद है. आलू की भजिया वह बचपन से खाते आ रहे हैं और यह उनकी फेवरेट भी है. साथी खिलाड़ी के भजिया मांगने पर वह बेझिझक उन्हें मना कर दिया करते थे. यहां तक कि उन्हें अपने कोच के साथ भी भजिया शेयर करना पसंद नहीं था. उन्हें चाइनीज फूड इतना पसंद था कि हर मैच से बाद वह कोच से चाइनीज खाने की डिमांड करते थे.

अंडर-19 टीम के इस बेहतरीन खिलाड़ी का जीवन बेहद कठिन गुजरा. क्रिकेट खेलने के लिए उन्हें सवेरे 4 बजे उठना पड़ता था और क्रिकेट एकेडमी तक पहुंचने के लिए रोजाना साढ़े तीन घंटे ट्रेवल करना पड़ता था. बाद में उनके पिता ने बेटे की परेशानी को समझते हुए क्रिकेट एकेडमी के पास ही घर ले लिया और शिफ्ट हो गए. इस मुकाम तक पहुंचने में पृथ्वी के पापा ने उन्हें पूरा सहयोग दिया. अपनी जरूरतों को मारकर उन्होंने पृथ्वी को इस काबिल बनाया.

भारत के भविष्य कहे जाने वाले पृथ्वी शॉ आईपीएल-11 में दिल्ली डेयरडेविल्स की तरफ से खेलते हुए नजर आएंगे. बता दें कि इस आईपीएल में उनकी नीलामी 1.2 करोड़ में हुई है. आईपीएल ऑक्शन में 20 लाख पृथ्वी का बेस प्राइस था. कई टीम उन्हें अपने साथ रखना चाहती थी. मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने भी 18 वर्षीय पृथ्वी की तारीफ की. सचिन ने कहा कि इस तरह से पृथ्वी को बैटिंग करते हुए देखना अद्भुत है और वह एक बेहतरीन बल्लेबाज हैं. उन्होंने ट्वीट करके टीम को जीत की बधाई दी.

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