घर मैं करते हों लड्डू गोपाल की पूजा तो करें ये 7 काम, जल्द ही मिलेगा बुरे समय से छुटकारा

हिन्दू धर्म में पूजा पाठ को काफी मानयता दी जाती है. कहते हैं कि माँ लक्ष्मी धन की देवी है. ऐसे में अगर कोई सच्चे मन से उनकी आराधना करे तो वह प्रभावित होकर उस व्यक्ति को सुख समृद्धि और पैसों का वरदान देती हैं. मगर आपकी जानकारी के लिए हम आपको बता दें कि माँ लक्ष्मी के इलावा भगवान विष्णु की पूजा करने से भी परिवार में सुख समृद्धि बनी रहती है. भगवान विष्णु ने हर युग में अवतार लिए हैं और दुश्मनों का नाश किया है. ऐसे में उनकी पूजा करने से हर प्रकार के दुखों और संकटों से मुक्ति मिलती है. बाल गोपाल यानि भगवान कृष्ण भी विष्णु के अवतारों में से ही एक अवतार हैं. इसलिए लगभग हर कोई बाल गोपाल की पूजा करता है.

आपको हम बता दें कि भगवान श्रीकृष्ण को बहुत सारे लोग ठाकुरजी के नाम से भी जानते हैं. ऐसे में अगर आप भी ठाकुरजी के भक्त हैं तो उनकी पूजा करना आपके लिए लाभदायक सिद्ध हो सकता है. आज के इस आर्टिकल में हम आपको 7 ऐसे कामों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें अगर आप पूजा के समय करें तो भगवान कृष्ण की कृपया आप पर सदैव बनी रहेगी.

आचमन का मतलब शुद्धिकरण है. इसलिए आप जब भी बाल गोपाल की पूजा करें तो सबसे पहले अपने हाथों को स्वच्छ जल से धो लें. इसके लिए आप गंगाजल का उपयोग भी कर सकते हैं. इसके बाद आप भगवान के चरणों में जल को अर्पित करें. इसके लिए आप सुगंधित फूलों वाले जल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

बाल गोपाल की पूजा में आसन सबसे अहम किरदार निभाता है. दरअसल भगवान श्रीकृष्ण की स्थापना आसन पर ही की जाती है. इसलिए आप आसन को लेते वक्त इस बात का खास ध्यान रखें कि उसका रंग तेज और चमकीला जैसे कि लाल, पीला, नारंगी आदि रहना चाहिए. नारंगी रंग भगवान की आश्रम की स्थापना के लिए सबसे उत्तम रहता है.

पूजा से पहले एक बर्तन में शुद्ध पानी से भगवान श्री कृष्ण के पैर धोए जाते हैं. इस बर्तन को पाद्य कहा जाता है. इसलिए पूजा से पहले आप पाद्य में स्वच्छ जल एवं फूलों की पंखुड़ियां रखें. इसके लिए गुलाब के फूल सबसे उत्तम रहेंगे.

भगवान श्री कृष्ण की पूजा के समय आप पंचामृत तैयार करें. पंचामृत दूध, दही, घी , शहद और चीनी को एक साथ मिलाकर बनाया जाता है. पंचामृत तैयार होने के बाद उसको किसी शुद्ध बर्तन में रख कर भगवान को भोग लगाएं. भोग लगाने से पहले इस बात का खास ख्याल रखें कि यह भोग तुलसी की उपस्थिति में ही लगना चाहिए.

पूजा करने के लिए एक हाथ सामग्री की जरूरत रहती है. इस सामग्री में दूर्वा घास, कुमकुम, चावल, अबीर, फूल और स्वश जल शामिल होते हैं. इस सब सामग्री को पंचोपचार कहा जाता है. श्री कृष्ण की पूजा करने के समय यह सभी चीजें उपलब्ध होना आवश्यक है.

श्री कृष्ण की पूजा के बाद प्रसाद को भोग लगाया जाता है. इस प्रसाद में ताजे फल, मिठाइयां, मिश्री, खीर, तुलसी के पत्ते आदि शामिल होते हैं.

भगवान श्री कृष्ण की पूजा के समय गाय के दूध से बने शुद्ध घी के बने दीपक का उपयोग करना चाहिए और इस दीपक में भी यही घी डालना चाहिए. देखें वीडियो- 

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