सेना ने सौंपा सर्जिकल स्ट्राइक का VIDEO, सार्वजनिक करने का फैसला मोदी सरकार पर

दिल्लीः इंडियन आर्मी ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में घुसकर किए गए सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो जारी करने के लिए अपनी तरफ से हरी झंडी दे दी है। अब इसपर अंतिम फैसला प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ ऑफिस) को लेना है कि वीडियो को रिलीज किया जाए या नहीं। Army Surgical Strike VIDEO.

गौरतलब है कि 27-28 सितंबर की रात को भारतीय सेना ने पीओके में आतंकी लॉन्‍चपैड पर सर्जिकल स्‍ट्राइक की थी। इसमें बड़ी संख्‍या में आतंकी मारे गए थे। भारत की ओर से यह कार्रवाई उरी हमले के जवाब में की गई थी।

पीएम ने कि सीसीएस की बैठक –

सर्जिकल स्ट्राइक की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) के साथ बैठक कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, पाक अधिकृत कश्मीर भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत पहले से रक्षा मंत्रालय के पास हैं। बुधवार की मीटिंग में इस बात पर चर्चा हुई कि इन सबूतों को सार्वजनिक किया जाए या नहीं।

बता दें कि नियंत्रण रेखा के पास आतंकवादी ठिकानों पर 28 एवं 29 सितंबर की दरम्यानी रात को किए गए सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है। सर्जिकल स्ट्राइक (लक्षित हमलों) के बाद से पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा के पार से गोलीबारी बढ़ा दी है।

क्यों है VIDEO जारी करने की ज़रुरत –

दरअसल, कांग्रेस से लेकर आम आदमी पार्टी मोदी सरकार से सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांग रही हैं। केंद्र सरकार ने इन दलों के ऐसे बयान पर कहा कि ऑपरेशन पर सवाल उठाने से सेना का मनोबल गिर सकता है। इसे देखते हुए अब सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने सरकार से वीडियो जारी करने का अनुरोध किया है। सेना के आला अधिकारियों ने कहा कि सेना चाहती है कि भारत इस सबूत को सबके सामने रख दे ताकि उन लोगों को जवाब मिल जाए, जो आरोप लगा रहे हैं कि हमला हुआ ही नहीं।

उधर पाकिस्तान भी बार-बार कह रहा है कि 29 सितंबर को तड़के सर्जिकल स्ट्राइक नहीं हुई थी। पड़ोसी देश के इस रुख को देखते हुए आर्मी ने अपनी बात सामने रखी है। बता दें कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी मांग की है कि मोदी सरकार पाकिस्तान के झूठ को बेनकाब करे। वहीं कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने हमले की सत्यता पर सवाल उठाया है।

जारी करने से देश की सुरक्षा को है खतरा –

पाकिस्तान पर हमले के बाद भारत दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने की हर संभव कूटनीतिक कोशिश कर रहा है। हालांकि पाकिस्तान भारत को उकसाने का कोई भी मौका नहीं छोड़ना चाहता। सूत्रों के मुताबिक अमेरिकी उपग्रह में भारतीय कार्रवाई के सबूत भी दर्ज हो गए हैं। अमेरिकी एनएसए का भारत के एनएसए अजीत डोभाल को ऑपरेशन के बाद तुरन्त फोन करना अपने आप में पर्याप्त सबूत है कि भारत की तरफ से सर्जिकल स्ट्राइक की कारवाई की गई है।

भारतीय सेटेलाइट ने इस ऑपरेशन के फुटेज लिए हैं, जबकि ग्राउंड जीरो में मौजूद एक-एक कमांडो जो कि अपने आप में कम्पलीट यूनिट की तरह था।

इस ऑपरेशन को हेलमेट में लगे थर्मल इमेंजिग और नाइटविजन कैमरों की मदद से फिल्माया भी है। इन्हें सार्वजानिक करने से दुश्मन न सिर्फ हमारी कार्रवाई करने के तरीके, सामरिक तैयारी, हमारे कमांडो की क्षमता-कमज़ोरी को समझ लेंगे बल्कि कश्मीर जैसे मामले में यह फुटेज भविष्य में बदली भू-राजनितिक परिस्थितियों में अंतराष्ट्रीय मंचों पर भारत के खिलाफ एक हथियार के रूप में इस्तेमाल हो सकता है। यही वजह है कि एबटाबाद ऑपरेशन का वीडियो अमेरिकी सेना ने आज तक जारी नहीं किया है।