नई दिल्ली- राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को आम बजट से पहले संसद के दोनों सदनों को संबोधित किया करते हुए कुछ बातों के संकेत दिये हैं। वो संकेत क्या है इसके बारे में बात में बताते हैं। इससे पहले आपको बता दें कि राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में संसद और राज्यों के विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के लिए सहमति बनाने पर जोर दिया है। राष्ट्रपति ने कहा कि इसके लिए सभी पार्टियों से बातचीत और सर्वसम्मति बनाने के लिए प्रयास करना चाहिए। लेकिन, राष्ट्रपति के पुरे संबोधन को जिसने भी सुना वो उसे एक विशेष बात का संकेत मान रहा है। दरअसल, ये बात तो हम सभी को मालूम है कि साल 2019 में आम चुनाव होने हैं। लेकिन, अब कुछ ऐसे संकेत मिले हैं जिससे ये कहा जा रहा है कि लोकसभा चुनाव 2019 से पहले हो सकते हैं।

राष्ट्रपति के आज के भाषण और सरकार से मिल रहे संकेतों को देखते हुए कांग्रेस व अन्य विपक्षी पार्टियों ने इस बात का अनुमान लगाया है कि मोदी सरकार 2019 में नहीं बल्कि इस साल के अंत में लोकसभा चुनाव कराने का मूड बना चुकी है। आपको बता दें कि राष्ट्रपति की तरह पीएम मोदी भी कई बार संसद और राज्यों के विधानसभा चुनावों को एक साथ कराने की बात कर चुके हैं और आज राष्ट्रपति ने भी कुछ ऐसी ही बातें कही हैं।

गौरतलब है कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने संबोधन में संसद और राज्यों के विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की बात कहकर बाकी दलों के दिल की धड़कने बढ़ा दी है। राष्ट्रपति ने संसद और राज्यों के विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की बात कहते हुए कहा कि कई बार चुनाव कराने से देश के विकास पर असर पड़ता है। आपको बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब बीजेपी के किसी नेता या राष्ट्रपति ने संसद और राज्यों के विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की बात कही है। इससे पहले भी साल 2004 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी ने भी समय से पहले लोकसभा चुनाव कराया था।

हालांकि, बीजेपी वह चुनाव हार गई थी लेकिन संसद और राज्यों के विधानसभा चुनाव एक साथ कराने से देश का काफी पैसा भी बच गया था। लेकिन, अब करीब 12 सालों बाद एक बार फिर से बीजेपी देश की सत्ता में है। इसलिए इस बात का अंदाजा लगाया जा रहा है कि पीएम मोदी अटल जी की राह पर बढ़ते हुए संसद और राज्यों के विधानसभा चुनाव एक साथ करा सकते हैं। आपको बता दें कि बीजेपी पिछले कुछ समय से संसद और राज्यों के विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की बात कहती रही है।

गौरतलब है कि इस साल के अंत में मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके अलावा, इसी साल अप्रैल में कर्नाटक और मिजोरम में विधानसभा भी चुनाव होगा। इसके बाद साल 2019 में आंध्र प्रदेश, अरुणांचल, उड़ीसा, सिक्किम, महाराष्ट्र, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और झारखंड में भी विधानसभा चुनाव हैं। इसलिए इस बात का अंदाजा लगाया जा रहा है कि पीएम मोदी 2019 का इंतजार न करते हुए इसी साल के अंत में लोकसभा चुनाव करा सकते हैं। हालांकि, कांग्रेस हमेशा से इस बात के विरोध में रही है।

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