सर्जिकल स्ट्राइक की बौखलाहट – बारामूला में सेना के कैंप पर आतंकी हमला, 2 दहशतगर्द ढेर-1 जवान शहीद

जम्‍मूः बीती रात PoK में सर्जिकल स्ट्राइक के चार दिन बाद जम्मू-कश्मीर के बारामूला सेना कैंप पर आतंकी हमला हुआ। इस हमले में दो आतंकी ढेर हो गए। आतंकियों से मुठभेड़ में बीएसएफ का एक जवान शहीद हो गया, जबकि बीएसएफ का एक जवान जख्मी है। attack on Army camp in Baramulla.

मुठभेड़ के बाद हुए सर्च ऑपरेशन में किसी भी आतंकी का शव नहीं मिला है जिसके बाद कहा जा रहा है कि आतंकी मौके से भागने में कामयाब रहे। हालांकि फिलहाल इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। हमले के के बाद इसकी जानकारी मिलने के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ स्थिति की समीक्षा की। वहीं रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने भी तीनों सेना प्रमुखों के साथ बैठक बुलाई है।

ऐसे हुआ हमला  (attack on Army camp in Baramulla)-

श्रीनगर से 54 और उरी से 102 किमी दूर बारामूला के जांबाजपोरा स्थित सेना की 46-आरआर कैंप पर रात साढ़े दस बजे स्वचालित हथियारों से लैस दो से चार आत्मघाती आतंकियों ने धावा बोल दिया। आतंकियों ने दो तरफ से हमला करते हुए शिविर में दाखिल होने का प्रयास किया।

दो मुख्य गेट से घुसे वहीं एक या दो आतंकियों ने निकटवर्ती स्टेडियम की तरफ से गोलियों की बौछार करते हुए शिविर में दाखिल होने का प्रयास किया लेकिन नाकामयाब रहे। जवानों ने आतंकियों को गेट पर ही रोक दिया।

एक दिन पहले सेना प्रमुख ने की थी तैयारियों की समीक्षा –

उरी ब्रिगेड मुख्यालय पर 18 सितंबर तड़के जैश-ए-मुहम्मद के आतंकियों ने हमला किया था। इसमें 19 जवान शहीद हो गए थे। हमारे सहयोगी पहले ही दावा कर दिया गया था कि गुलाम कश्मीर में शिविरों व लॉन्चिंग पैड पर भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक से हताश आतंकवादी बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने की फिराक में है।

पहले से थी आतंकी हमले की आशंका –

सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से ही पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों की तरफ से ऐसे हमले की आशंका पहले ही जताई जा रही थी। सेना और सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट रखा गया था। यही वजह है कि बेहद कम समय में सेना ने आतंकवादियों के इस फिदायीन हमले को नाकाम कर दिया।

10 महीनों में 4 बड़े आतंकी हमले –

इसी साल सेना पर चार-चार बड़े आतंकी हमले हो चुके हैं। साल के शुरू में ही 2 जनवरी को आतंकवादियों ने पठानकोट में वायुसेना के एयरबेस पर आतंकी हमला किया। ये सैन्य प्रतिष्ठान पर साल का पहला बड़ा हमला था। इसके बाद आतंकवादियों ने 25 जून को जम्मू-कश्मीर के पंपोर में सीआईएसएफ की बस पर हमला बोला। इसी साल 18 सितंबर को उरी में सेना के मुख्यालय पर हमला किया।

सेना ने बताया- हालात काबू में –

सेना ने ट्वीट कर हालात काबू में होने की जानकारी दी. गृह मंत्री राजनाथ सिंह इस आतंकी हमले पर नजर बनाए हुए थे। उन्होंने देर रात एनएसए और बीएसएफ के डीजी से भी बात की। उरी हमले के जवाब में सर्जिकल स्ट्राइक के तौर पर मुंह की खाने के बावजूद पाकिस्तान अपनी हरकत से बाज आने के तैयार नहीं है। जम्मू कश्मीर के बारामूला में पाक समर्थित आतंकवादियों ने सेना के कैंप पर हमला किया। लेकिन सतर्क सुरक्षाकर्मियों ने आतंकियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया।

इस संबंध में इंटेलिजेंस इनपुट भी मिले हैं। आतंकियों के मंसूबे को भांपते हुए पूरी वादी में सभी महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों व सुरक्षा शिविरों की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। शनिवार को सेना प्रमुख दलबीर सिंह सुहाग ने जम्मू-कश्मीर का दौरा कर उत्तरी और पश्चिम कमान मुख्यालय की तैयारियों की समीक्षा की थी। एक दिन बाद ही पाकिस्तानी रेंजर्स की फायरिंग के बीच आतंकियों ने हमला बोल दिया।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published.