महाराष्ट्र की सियासत में आया जबरदस्त भूचाल, बीजेपी-शिवसेना के गठबंधन में आई दरार

महाराष्ट्र: बीजेपी की सबसे पुरानी सहयोगी पार्टी शिवसेना ने अपना दामन छुड़ा लिया है। जी हां, शिवसेना ने अब तक का किया सबसे बड़ा ऐलान। बता दें कि शिवसेना ने ऐलान किया है कि आने वाले चुनाव शिवसेना एनडीए के समर्थन से नहीं, बल्कि अकेले लड़ेगी। तो आइये एक नजर डालते हैं महाराष्ट्र की सियासत पर

शिवसेना ने कहा कि 2019 में होने वाले विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव बीजेपी के साथ मिलकर नहीं, अकेले लड़ेगी। इतना ही नहीं, इस दौरान शिवसेना बीजेपी पर बड़े आरोप लगाएं हैं। बता दें कि शिवसेना ने कहा कि उसने इस गठबंधन को बनाये रखने के लिए हर भरसक प्रयास किया है, लेकिन बीजेपी ने उसे हमेशा नीच दिखाया, ऐसे में अपने अस्तित्व के लिए हमें अकेले ही चुनाव लड़ना पड़ेगा।

 

 

मंगलवार को शिवसेना ने पार्टी बैठक में कहा कि शिवसेना अब अपनी गरिमा के साथ चल सकेगी, इसीलिए यह फैसला लिया गया कि पार्टी लोकसभा और विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी। बता दें कि मुंबई के वर्ली में एनएससी ग्राउंड में शिवसेना की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई, जिसमें एक बार फिर से सर्वसम्मति से उद्धव ठाकरे को शिवसेना प्रमुख चुना गया। बता दें कि शिवसेना युवा के अध्यक्ष आदित्य ठाकरे को शिवसेना नेता चुना गया है, मतलब साफ है कि आदित्य ठाकरे पार्टी के दूसरे सबसे बड़े नेता बन गये हैं।

आपको बता दें कि प्रमुख के बाद शिवसेना नेता का पद सबसे अहम माना जाता है, इस पद पर चुने जाने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर आदित्य ठाकरे की पहचान बन गई है। चलिए हम आपको आगे बताते है कि इस समय महाराष्ट्र में विधानसभा की सीटों  पर किसका कितना दबदबा है?

 

महाराष्ट्र में अभी बीजेपी और शिवसेना की गठबंधन की सरकार है, देवेंद्र फडणवीस सीएम है। जी हां, बता दें कि वर्तमान में  विधानसभा में जहां बीजेपी के पास 122 सीटें हैं, तो वहीं शिवसेना के पास 63, कांग्रेस के पास 42 और एनसीपी के पास 41 सीटें हैं। ऐसे में महाराष्ट्र में आने वाला विधानसभा चुनाव महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा भूचाल साबित हो सकता है।

Shreya Pandey

Web Journalist

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