छाती में दर्द होने पर इंसान के दिमाग में सबसे पहले हार्ट अटैक का नाम आता है. वह यह सोचने लगता हैं कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा है. लेकिन यह बात सच नहीं है. छाती में होने वाला हर दर्द हार्ट अटैक नहीं होता. कुछ अन्य करणों से भी चेस्ट पेन होता है. हां, लेकिन छाती में होने वाले किसी भी दर्द को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए. ज़रूरी नहीं कि दर्द की वजह बड़ी ही हो लेकिन इसे इग्नोर करने के परिणाम बड़े ज़रूर हो सकते हैं. तो आईये जानते हैं छाती में होने वाले दर्द के 5 अन्य कारण.

छाती में अंदरूनी सूजन

छाती के अंदरूनी दीवारों पर सूजन हो जाने से भी कभी-कभी छाती में दर्द होने लगता है. छाती में सूजन होने पर आपको सांस लेने में तकलीफ होगी और सीने में असहनीय दर्द का अहसाह हो सकता है. टीबी या निमोनिया के कारण से भी छाती में दर्द हो सकता है.

टीबी      

जिन व्यक्तियों को टीबी की बीमारी होती है उनके फेफड़ों की झिल्ली में सूजन आ जाती है. ऐसे में सांस लेने पर हवा से टकराव होता है जो सीने में तेज़ दर्द पैदा करती है. डॉक्टरी भाषा में इसे प्ल्यूराइटिस नाम से जाना जाता है.

हार्ट अटैक

सीने में बाईं ओर दर्द होना हार्ट अटैक की एक निशानी होती है. एनजाइना पिक्टोरिस से भी सीने में दर्द होने लगता है. यह तब होता है जब खून का संचार ठीक तरह से दिल तक नहीं हो पाता. इससे दिल को उतना ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाता जितनी ज़रुरत है और फिर सांस लेने में तकलीफ होने लगती है.

पेट में गड़बड़ी

पेट में भी कोई समस्या छाती में दर्द पैदा कर सकती है. पित्त की थैली में जमा हुआ गैस जब छाती की ओर आता है तब चेस्ट पेन की समस्या होने लगती है. अगर आपको यह दर्द सोते वक़्त होता है तो यह पेट में खराबी की ओर संकेत करता है.

फेफड़े की बीमारी

अगर दर्द आपकी छाती की साइड में हो रहा है या खांसते वक़्त या सांस लेते वक़्त दर्द होने लगता है  तो समझ जाना चाहिए कि यह फेफड़े से संबंधित कोई रोग है. ऐसी स्थिति में पैनिक होने की बजाय डॉक्टर को दिखाएं.

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