ये हैं दुनिया के 6 बेहद गंदे धंधे, सैलरी देखकर उड़ जाएगा होश फिर भी नहीं चाहेंगे करना

नई दिल्ली – बदलती दुनिया में जहां नए नए काम करने और पैसे कमाने की संभावना का जन्म हुआ है तो वहीं कुछ ऐसे काम भी सामने आये हैं जिनमें कमाई तो लाखों में है लेकिन करने की हिम्मत बहुत कम लोग ही कर पाते हैं। आज हम आपको दुनिया की उन नौकरियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनमें कमाई तो बहुत है लेकिन करना बहुत हम लोगों के बस की बात है। सैलरी पैकेज देखकर शायद आपके होश उड़ जाये लेकिन फिर भी आप ये काम करने से कतराएंगे। तो आइये जानते हैं वो कौन कौन से काम हैं?  

पोर्टेबल टॉयलेट क्लीनर

ऐसे टॉयलेट जो लोगों की सुविधा के लिए अक्सर बाजार या फिर चहलपहल वाली जगहों पर लगाये जाते हैं। इनकी सफाई का जिम्मा पोर्टेबल टॉयलेट क्लीनर को दिया जाता है। यह काम बेहद गंदगी वाला है, लेकिन ऐसा काम करने वालों की सालाना सैलरी करीब 30 लाख रुपए तक होती है।

हत्या या आत्महत्या की जगह को साफ करने वाले

हत्या या आत्महत्या जैसी अपराध वाली जगहों की सफाई करने वाले लोगों की सैलरी सुनकर आप चौंक जाएंगे। शव और मौके से जरूरी सबूत लेने के बाद इन लोगों का काम शुरु होता है। ऐसी जगहों की सफाई करने वाले लोगों की सालाना सैलरी करीब 45 लाख रुपए तक होती है।

 पाइप और नल ठीक करने वाले प्लंबर

अगर आपको हर दिन अपने बाथरूम या टॉयलेट को साफ करना पड़े तो कैसा लगेगा। कुछ ऐसा ही काम करते हैं प्लंबर। प्लंबर टॉयलेट और बाथरूम की गंदगी में अपना काम करते हैं। विदेशों में एक प्लंबर सालाना 21 लाख से 24 लाख तक की कमाई कर सकता है।

कोयले की खदान में काम करने वाले

कोयला की खानों में काम करना हर किसी के बस की बात नहीं होती। खदानों में काम करने वाले मजदूरों को गंभीर बीमारियों का शिकार भी होना पड़ता है। भले ही इस काम में जोखिम हो लेकिन इस खतरनाक काम को करने वाले मजदूरों की सालाना कमाई करीब 38 लाख रुपए होती है।

गार्बेज कलेक्टर

गंदगी और बदबू के ढेर में कूड़ा देखकर आप दौड़ते हुए वहां से निकल जाते हैं। लेकिन, ज़रा सोचिए जो इस गंदगी को साफ करते हैं उनकी हालत क्या होती होगी। विदेशों में कूड़ा उठाने वालों को ‘गार्बेज कलेक्टर’ कहा जाता है और इसकी सालाना कमाई करीब 36 लाख रुपए होती है।

सीवर इंस्पेक्टर

सीवर वो जगह जहां शहर भर का गंदा पानी इकट्ठा होता है। अक्सर देखा जाता है कि पॉलीबैग या कचरा फंसने के कारण सीवर जाम हो जाते हैं, जिसके लिए इसे साफ करने वाले कर्मचारी काम में लगाये जाते हैं। भारत में इस काम को करने वाले लोगों को सैलरी कम मिलती है लेकिन, लेकिन विदेशों में ये 36 लाख रुपए सालाना तक कमाई करते हैं।