कलयुगी बेटी ने अपने बूढ़े माँ बाप को घर से निकाल फेंका, मजबूरी में माँ बाप ने उठाया ये कदम

कर्नाटक: माँ बाप को इस दुनिया में दूसरे भगवान का दर्ज़ा दिया जाता है. एक बच्चे के पैदा होने से लेकर उसके पालन पोषण में सबसे पहला हाथ उसके माँ बाप का ही होता है. हर माँ बाप अपने बच्चों को नाजों से पाल कर बड़ा करते हैं ताकि वह बच्चे उनके बुढ़ापे का सहारा बन सकें. लेकिन, अगर वहीं बच्चे उनको कष्ट पहुंचाने की ठान लें तो बजुर्ग माँ बाप जीते जी मर जाते हैं. कुछ ऐसा ही शर्मनाक काण्ड हाल ही में हमारे सामने आया है. जहाँ, एक कलयुगी बेटी ने अपने अपने 90 वर्षीय पिता और 80 वर्षीय बूढी माँ को घर से बाहर निकाल दिया. दरअसल, ये पूरा मामला कर्नाटक का है. अपनी बच्ची द्वारा ठुकराए जाने के बाद इस बजुर्ग दंपति को ठंड में बस स्टैंड और फूटपाथ का सहारा लेना पड़ा. दो दिन सड़क पर बिताने के बाद जब पुलिस को इस घटना के बारे में पता चला तो उन्होंने उस बजुर्ग कपल को नजदीकी वृद्धाश्रम पहुंचा दिया.

आपकी जानकारी के लिए हम आपको बता दें कि ये पूरा मामला लक्ष्मेश्वर निवासी 90 वर्षीय सूर्यकांत और उनकी 80 वर्षीय पत्नी कमलमा का है. एक रिपोर्ट के अनुसार ये दोनों बजुर्ग कुछ दिन पहले ही हुबली के एक मंदिर पहुंचे थे, यहीं उन्होंने अपनी सेवाएं प्रदान की. ये दोनों मंदिर में जितने भी दिन रहे,अपनी श्रद्धा और भक्ति में सबको रंग दिया. इसके बाद दोनों अपनी बेटी के घर रहने के लिए कर्नाटक की और रवाना हो गये.

बजुर्ग दंपति ने बताया कि शुरुआत के कुछ दिनों में सब कुछ ठीक चलता रहा. लेकिन, कुछ दिन बीतने के बाद उनकी बेटी ने उनको घर से निकलने को कह दिया. घर से निकलने के बाद दोनों के पास रहने का कोई ठिकाना नही था. जिसके बाद दोनों हुबली के बस स्टैंड में रुक गये. यहाँ वह दो दिन तक रहे. जब आस पास के लोगों ने उन्हें वहां रहने का कारण पुछा तो उन्होंने अपने साथ हुई पूरी घटना बता दी. जिसके बाद यात्रियों को व्यथा सुनाते देख परिवहन निगम के अधिकारियों और ऑटो चालकों ने भी सूर्यकांत से बात की.

बस स्टैंड पर मौजूद एक अधिकारी ने बताया कि सुबह जब वह बस स्टैंड पहुंचा तो उसकी मुलाकात इस बजुर्ग कपल से हुई. अधिकारी के अनुसार सुबह घने कोहरे और धुंद की वजह से दोनों बेहाल थे और कांप रहे थे. इसके बाद पूछताछ पर उस कपल ने अपने साथ हुई सारी आप बीती उस अधिकारी को बता दी. मामले की जानकारी मिलते ही एक ऑटो चालक की मदद से अधिकारी ने दोनों को एक वृद्धाश्रम पहुंचा दिया. लेकिन, अपनी आईडी प्रूफ ना होने के कारण उन्हें वहां से भी निकाल दिया गया. ऐसे में वह दोनों दोबारा बस स्टैंड पहुँच गए.

बस स्टैंड वापिस पहुँचते ही अधिकारी और ऑटो चालक ने उस बजुर्ग दंपति की मदद के लिए पुलिस को सूचित करना ठीक समझा. जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुँच कर दोनों को वृद्धाश्रम पहुंचा दिया. जहाँ, अपनों ने इस कपल का साथ छोड़ दिया, वहीं गैरों ने उनका हाथ पकड़ कर उनको वृद्धाश्रम पहुंचा दिया.