नई दिल्ली: अगर आपको याद होगा तो पिछले काफी समय से रजनीकांत को लेकर कई तरह की बातें की जा रही हैं। रजनीकांत के बारे में किसी को कुछ भी बताने की जरुरत नहीं है। दक्षिण भारत के अलावा इनका जलवा बॉलीवुड में जमकर कायम है। रजनीकांत के दीवाने पूरी दुनिया में हैं। आज भी रजनीकांत जहाँ खड़े हो जाएँ, वहाँ लोगों की भीड़ लग जाती है। इनके बारे में कहा जाता है कि तमिलनाडु सहित दक्षिण भारत के कुछ इलाकों में इन्हें देवता की तरह पूजा जाता है।

इनकी लोकप्रियता को देखते हुए ही यह कयास लगाए जा रहे थे कि ये राजनीति में कदम रख सकते हैं। हालांकि अब तक तो रजनीकांत इससे इनकार ही करते आये हैं। लेकिन अब लग रहा है कि ऐसा नहीं होगा। रविवार को रजनीकांत ने सस्पेंस ख़त्म करते हुए साल के आखिरी दिन राजनीतिक में कदम रखने का ऐलान कर दिया। उन्होंने चेन्नई के राघवेन्द्र कल्याण मंडपम में राजनीति में अपनी नई पारी की शुरुआत की घोषणा की।

रजनीकांत की इस घोषणा के बाद ही उनके फैन्स काफी खुश नजर आये। अभी उनके समर्थक राघवेन्द्र मंडपम के बाहर जमकर जश्न माना रहे हैं। रजनीकांत ने अपने समर्थकों से कहा कि अगले विधानसभा चुनाव के शुरू होने से पहले एक नई पार्टी का गठन भी करेंगे। वह सभी विधानसभा क्षेत्रों से अपने उम्मीदवार भी खड़े करेंगे। उन्होंने कहा कि वह तमिलनाडु की 234 सीटों से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने साफ़-साफ कहा कि वह नाम, शोहरत या पैसे के लिए राजनीति में नहीं आ रहे हैं।

तमिलनाडु की राजनीति में बदलाव का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि हम व्यवस्था को बदल देंगे। सत्य, कार्य और उन्नति उनकी पार्टी के तीन मुख्य मंत्र होंगे। उन्होंने समर्थकों से कहा कि आप लोकतंत्र के रक्षक हैं, अनुशासन का ध्यान रखें। पिछले सप्ताह अपने प्रशंसकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि वह दिसंबर के अंत तक अपनी राजनीतिक योजना की घोषणा करेंगे। उन्होंने कहा कि वह राजनीति के लिए नए नहीं हैं।

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