राजनीति

पान बेचने वाले की बेटी बनी डिप्टी कलेक्टर, परिवार ने बांटी मिठाईयां!

मंडला: कहते हैं कि गरीबों के बच्चे हमेशा पढ़ने में होशियार होते हैं जबकि अमीरों के बच्चे अय्याशियों में माहिर होते हैं.  गरीब के बच्चे बचपन से ही  पैसा कमाने के सपने देखने लगते हैं जिसके लिए वे दिन रात मेहनत करते रहते हैं.  परंतु भगवान जब उन पर मेहरबान होता है तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहता.  अभी हाल ही में एक गरीब बाप की बच्ची ने कुछ ऐसा कर दिखाया जिससे पूरा देश उस पर गर्व महसूस कर रहा है.  दरअसल, यह मामला मध्य प्रदेश के मंडला जिले के शरद जैन परिवार का है. जहां इस वक्त खुशियों की भरमार हो रही है.  जानकारी के अनुसार शरद जैन की एक पान की दुकान है. लेकिन, इसके बावजूद भी उनकी बेटी अब डिप्टी कलेक्टर बन गई है.  मंडला में पान चलाने वाली दुकान के मालिक शरद जैन की बेटी का कमाल जानकर पूरा मोहल्ला खुशियों में डूबा हुआ है.  दरअसल, अभी हाल ही में पान वाले की बेटी ने MPPSC की परीक्षा में दसवां स्थान हासिल कर लिया है.  अब आयुषी जैन के नाम के आगे डिप्टी कलेक्टर नाम लगा दिया गया है.


कहते हैं सरकारी नौकरियों के सवाल बहुत ही मुश्किल होते हैं.  परंतु आयुषी जैन से MPPSC के इंटरव्यू के दौरान एक सवाल ऐसा पूछा गया था जिसके बारे में आप कभी सोच भी नहीं सकते. दरअसल, यह सवाल था कि आपके पिता का पेशा क्या है? जिसके जवाब में आयुषी ने बताया कि मेरे पिता यानि शरद जैन पान की दुकान चलाते हैं और लंबे समय से यही उनका पेशा रहा है.

आपको यह जानकर हैरानी होगी कि आयुषी ने एक मामूली से सरकारी स्कूल से अपनी पढ़ाई पूरी की है.  आयुषी ने मीडिया को बताया कि इतनी कठिन परिस्थितियों के बावजूद भी उसने हार नहीं मानी और अपनी पढ़ाई को बीच रास्ते में नहीं छोड़ा.  आयुषी के पिता शरद जैन चौथी क्लास तक पढ़े हैं और वह जिले में पान की दुकान चलाते हैं परंतु अपनी बेटी के डिप्टी कलेक्टर बनने से शरद जैन काफी खुश हैं.

अपनी बेटी के डिप्टी कलेक्टर बनने के बाद शरद जैन और उसका परिवार पूरे मोहल्ले में मिठाइयां बन रहा है.  मिली जानकारी के अनुसार आयुषी जैन ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है.  आयुषी ने बताया कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद उन्होंने साल 2015 में MPPSC  की तैयारी शुरू कर दी थी.  आपको यह जानकर खुशी होगी कि आयुषी पहले ही अटेंप्ट में टैक्स इंस्पेक्टर बन गई थी.  सेल टैक्स इंस्पेक्टर बनने के बाद आयुषी का हौसला और बढ़ चुका था और वह फिर से आगे बढ़ने के लिए पढ़ाई करने लग गई.


सेल्स टैक्स ऑफिसर के बाद उसकी मेहनत रंग लाई और वह अपने सेकंड अटेम्प्ट में डिप्टी कलेक्टर बन गई. आयुषी की बड़ी बहन ने बताया कि वह अपनी छोटी बहन की कामयाबी से बेहद खुश हैं और वह भी अपनी बहन आयुषी की तरह ही डिप्टी कलेक्टर बनने के इच्छुक हैं.  इसके अलावा शरद जैन भी चाहते हैं कि उनकी दूसरी बेटी भी डिप्टी कलेक्टर बन कर उनका सिर और गर्व से ऊंचा करें.

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