11वीं कक्षा के स्टूडेंट ने एक ऐसा अनोखा चश्मा बनाया है, जिससे बिना स्टिक के चल सकेंगे दृष्टिहीन!

11वीं कक्षा के स्टूडेंट ने एक ऐसा अनोखा चश्मा बनाया है, जिससे बिना स्टिक के चल सकेंगे दृष्टिहीन!

कहते हैं कि प्रतिभा किसी उम्र की मोहताज नहीं होती और हमारे देश के कण-कण में प्रतिभाएं छिपी हैं. इस बार एक बच्चे न सिर्फ अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है, बल्कि उसने कुछ ऐसा कर दिखाया है, जिससे पूरे देश को उस पर गर्व होगा. अरुणाचल प्रदेश के एक स्टूडेंट ने तकनीक का बेहतरीन इस्तेमाल कर एक ऐसा चश्मा बनाया है, जिसकी मदद से अब दृष्टिहीन बिना किसी स्टिक से सहारे चल सकेंगे

दृष्टिहीनों का सहारा बनेगा इस स्टूडेंट का चश्मा:

खबरों की मानें तो इस चश्मे को बनाने वाले छात्र का नाम अनंग तार है, जो अभी 11वीं कक्षा में पढ़ता है. उसने पार्किंग सेंसर तकनीकी की मदद से ये स्पेशल चश्मा बनाया है. बताया जा रहा है कि अनंग काफी समय से अभिनव प्रौद्योगिकी पर काम कर रहे थे. इस चश्मे को G4B (गॉगल फॉर ब्लाइंड) नाम दिया गया है. यह विशेष चश्मा दृष्टिहीनों के लिए बड़ा सहारा होगा. आपको बता दें कि अनंग ने बीते दिनों गुवाहटी में आयोजित साइंस फेस्टिवल में अपने इस चश्मे का प्रदर्शन किया था.

अब बिना स्टिक चल सकेंगे दृष्टिहीन:

अनंग के अनुसार, यह तकनीकी ईको लोकशन के आधार पर काम करती है. साथ ही इसमें नेविगेशन सिस्टम का भी उपयोग किया गया है. जिस तरह कारों में पार्किंग सेंसर तकनीकी का उपयोग किया जाता है, उसी तकनीकी के आधार पर इस गॉगल को तैयार किया गया है.

सबसे खास बात यह है कि इस चश्मे को बज़ार में लॉन्च करने की अनंग की इच्छा को देखकर और उसके इस इनोवेशन से प्रभावित होकर विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने उससे इस गैजेट के कुछ और प्रोटोटाइप तैयार करने के लिए कहा है, ताकि उनको देखने में अक्षम लोगों पर टेस्ट किया जा सके.

आपको बता दें कि अनंग एक गरीब परिवार से आते हैं. उन्होंने बीते शुक्रवार को अपने इस प्रोडक्ट का प्रदर्शन अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू के सामने भी किया. इसके अलावा अनंग को कई पुरस्कारों से सम्मानित भी किया जा चुका है.