हमारे परिवेश को देखकर अब ऐसा लगता है कि हमारे अंदर का इंसान अब मरने लगा है. इंसानियत अब सिर्फ खुद तक सीमित हो गई है. शायद यही वजह है कि हमें अपनी बहन, बहन दिखती हैं, मगर दूसरे की बहन हमारे लिये “माल” बन जाती है. किसी लड़की को छेड़ने से पहले आजकल के लड़के ये तक सोचना भी मुनासिब नहीं समझते कि आखिर वो भी किसी की बहन होगी.

अपनी बहन, बहन होती है, मगर दूसरों की बहन ‘माल’:

दरअसल हमारे समाज की ये फितरत बन गई है कि वो “अपना काम बनता तो भाड़ में जाए जनता” के सिद्धांत पर चलने लगा है. किसी लड़की को छेड़ने से पहले पता नहीं हम ये क्यों भूल जाते हैं कि हमारे घर में भी मां-बहन होती हैं. आखिर क्यों हम ये नहीं समझना चाहते हैं कि जो हम दूसरों की बहन के साथ कर रहे हैं, कल होकर वो हमारी बहन के साथ भी हो सकता है.

इन लड़कों की ऐसी उम्मीद भी नहीं थी:

अगर आप अब भी समझने को तैयार नहीं हैं तो इस वीडियो को जरूर देखिये. इस वीडियो में हमलोगों की ओछी मानसिकता को दिखाया गया है. इस वीडियो को बड़ी ही खूबसूरती के साथ बनाया गया है. अंत तक सस्पेंस कायम है. दरअसल, इस वीडियो में अंधेरे का फायदा उठाकर लड़की को छेड़ते चार-पांच दारूबाजों की करतूतों को दिखाया गया है. उन सभी लफंगों की उस लड़की पर बुरी नजर होती है. वो सभी उस लड़की के साथ जबरदस्ती करना चाहते हैं. मगर अचानक कुछ ऐसा होता है, जिसकी उम्मीद किसी को भी नहीं होती. आप खुद इस वीडियो को देखिये और विचार कीजिए.

https://www.facebook.com/aapkizeenat/videos/739279949565956/

दोस्तों, याद रहे बुरी नजर बुरी ही होती है. वो चाहे दूसरों की बहन पर हो या फिर खुद की. इसलिए अगर आप ऐसा करने की चेष्टा करते हैं, तो एक बार अपनी बहन को जरूर याद रखियेगा. वैसे भी कहा गया है कि जो सहमति से हो उसे प्यार कहते हैं और जो असहमति से हो उसे बलात्कार.

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