नया साल आ चुका है जल्द ही नया वित्तीय वर्ष भी आ जायेगा, ऐसे में सभी सरकारी विभाग और मंत्रालय अपने अपने रिपोर्ट कार्ड पेश करेंगे. लेकिन इस बार सभी विभागों का रिपोर्ट कार्ड देखने लायक होगा क्योंकि ताज़ा वित्तीय वर्ष को सरकार के हिसाब से आर्थिक सुधारों के लिहाज से बेहद अहम और ऐतिहासिक माना जा रहा है. क्योंकि इसी वित्तीय वर्ष में सरकार ने नोटबंदी जैसा फैसला लिया जिसे आर्थिक सुधारों की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

अरुण जेटली ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों की वसूली का रिपोर्ट कार्ड पेश किया :

इसी क्रम में सोमवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने नोटबंदी के बाद प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों की वसूली का रिपोर्ट कार्ड पेश किया. वित्त मंत्री के मुताबिक नोटबंदी से टैक्स वसूली में पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले खासा इजाफा हुआ है. वित्त मंत्री ने प्रेस कांफ्रेंस के जरिये बताया कि सर्विस टैक्स जमा करने में 24% का इजाफा हुआ है. जिससे अप्रत्यक्ष करों की वसूली पहले के मुकाबले अच्छी हुई है.

बीते वित्तीय वर्ष 2015-16 के मुकाबले इस वित्तीय वर्ष में अबतक यानी कि 1 अप्रैल 2015 से 31 दिसम्बर 2016 तक अप्रत्यक्ष करों में 25 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है.

इसका प्रमाण देते हुये वित्त मंत्री ने बताया कि नवंबर, 2016 के मुकाबले दिसंबर 2016 में अप्रत्यक्ष करों की ग्रोथ 12.8% रही, जबकि 2015 के मुकाबले अप्रैल-दिसंबर 2016 में प्रत्यक्ष करों में 12.01% की बढ़ोतरी हुई, वित्तीय वर्ष की पहले की तीन तिमाही में प्रत्यक्ष करों में भी बढोत्तरी दर्ज की गई.

इसके साथ ही दिसंबर 2016 में सेंट्रल एक्साइज में भी 31.6% की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है, दूसरी तरफ जेटली के मुताबिक 2015 के मुकाबले दिसंबर 2016 में कस्टम ड्यूटी में 6.3% की गिरावट दर्ज की गई है.

वित्त मंत्री ने बताया कि कई राज्यों में वैट भी अपेक्षाकृत ज्यादा रहा, 2015 की तुलना में 1 अप्रैल से 31 दिसंबर 2016 तक अप्रत्यक्ष करों में 25 फीसदी की वृद्धि हुई है, नवंबर, 2016 के मुकाबले दिसंबर 2016 में अप्रत्यक्ष करों की ग्रोथ 12.8% रही.

SHARE